लैपटॉप की स्क्रीन के उसपार
लैपटॉप की स्क्रीन के उसपार विधा: लघु कहानी | विषय: डिजिटल वर्क-कल्चर, रिमोट वर्किंग और भावनात्मक निकटता रात के बारह बज रहे थे। कमरे में केवल लैपटॉप की स्क्रीन से निकलती नीली रोशनी फैली थी, जो समर के थके हुए चेहरे को चमका रही थी। 'वर्क फ्रॉम होम' के इस दौर में, समर के लिए उसका कमरा ही उसका ऑफिस बन चुका था। पिछले एक साल से वह एक ग्लोबल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। टीम में उसके साथ थी—इशिका। इशिका दिल्ली में थी और समर बेंगलुरु में। दोनों ने कभी एक-दूसरे को साक्षात नहीं देखा था, लेकिन रोजाना के ज़ूम कॉल्स, स्लैक मैसेजेस और आधी रात तक कोड बग्स फिक्स करने के अंतहीन सिलसिलों ने उनके बीच एक अजीब सी आत्मीयता पैदा कर दी थी। लैपटॉप की यह चौकोर स्क्रीन ही उनके मिलने, झगड़ने और मुस्कुराने की एकमात्र खिड़की थी। रिमोट वर्किंग के इस कड़े अनुशासन में भावनाएं अक्सर औपचारिक टेक्स्ट मैसेजेस के पीछे छुप जाती हैं। इशिका काम में बेहद गंभीर और अपनी शर्तों पर जीने वाली लड़की थी। समर अक्सर उसकी बुद्धिमत्ता और संकट के समय शांत रहने की कला का कायल हो जाता था। व...